पुणे: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ (PCMC) से हर दिन लाखों लोग Chakan क्षेत्र में काम करने जाते हैं, लेकिन उनके लिए यह सफर एक जानलेवा चुनौती बन गया है। सड़कों पर बने विशाल गड्ढे, जिन्हें एक नागरिक ने “चाँद के गड्ढों” (moon craters) का नाम दिया है, हर दिन हादसों का कारण बन रहे हैं। इस गंभीर समस्या से तंग आकर, Saurabh Pansare, जो खुद एक वर्किंग प्रोफेशनल हैं, ने अब अकेले ही इन खराब सड़कों के खिलाफ एक ऑनलाइन मुहिम शुरू कर दी है ताकि प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा जा सके।
Ground Report: क्या है Chakan की जमीनी हकीकत?
इस तस्वीरें और वीडियो Chakan की भयावह स्थिति को दर्शाते हैं। महिंद्रा प्लांट के पीछे की सड़क पूरी तरह से उखड़ी हुई है और विशाल गड्ढों से भरी है। सौरभ ने बताया कि यह वीडियो 26 अगस्त का है, और तब से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने बताया कि इन सड़कों पर लगभग हर दिन दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। गड्ढों के कारण गाड़ियों को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है।
इस मुहिम को शुरू करने वाले Saurabh Pansare ने पुणे न्यूज़ हब से बात करते हुए अपनी निराशा और गुस्से को व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, “मैंने अपनी जिंदगी में बहुत सड़कें देखी हैं, लेकिन Chakan जैसी खराब सड़कें कहीं नहीं देखीं। यह एक ‘नरक’ बन चुका है। यहाँ 1,500 से ज़्यादा छोटी-बड़ी कंपनियों के प्लांट हैं, लाखों कर्मचारी काम करते हैं, और इन गड्ढों की वजह से लोग मर रहे हैं, घायल हो रहे हैं और गाड़ियों का भारी नुकसान हो रहा है। हमें इसके खिलाफ आवाज उठानी ही होगी।“
Complaint Filed, But No Action Taken
CPGRAMS पोर्टल पर वीडियो के साथ एक शिकायत भी दर्ज की है, लेकिन उस पर अभी तक कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने बताया, “एक वर्किंग प्रोफेशनल होने के नाते, छुट्टी लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना मेरे लिए मुकिन नहीं है, इसलिए मैंने ऑनलाइन शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई।“
Chakan की समस्या क्यों है इतनी गंभीर?
Chakan पुणे की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जहाँ लगभग 3.5 लाख कर्मचारी काम करते हैं और हर दिन लगभग एक लाख वाहन गुजरते हैं। खराब सड़कें न केवल कर्मचारियों के जीवन को खतरे में डालती हैं, बल्कि यह उद्योगों के लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को भी प्रभावित करती हैं, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। प्रशासन की यह उदासीनता पुणे की औद्योगिक छवि पर एक गंभीर सवाल खड़ा करती है।
Chakan की यह समस्या पुणे के अन्य इलाकों की तरह ही है, जैसा कि हमारी Lullanagar Potholes रिपोर्ट में भी दिखाया गया है।
Saurabh Pansare की यह अकेली आवाज़ Chakan के उन लाखों लोगों का दर्द बयां करती है जो हर दिन इन जानलेवा सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। यह मुहिम एक व्यक्ति के उस प्रयास को दर्शाती है जो एक बड़े बदलाव की उम्मीद में व्यवस्था से सवाल कर रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या प्रशासन इस ऑनलाइन अभियान पर ध्यान देता है और “चाँद के गड्ढों” को सड़कों में बदलने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।
