पुणे: एक तरफ पुणे को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने के दावे किए जाते हैं, तो दूसरी तरफ शहर की Garbage Problem Pune गंभीर होती जा रही है। ताज़ा मामला नवी पेठ में स्थित एस. एम. जोशी ब्रिज (S. M. Joshi Bridge) का है, जहाँ दोनों तरफ कचरे के ढेर लगे हुए हैं, जिससे यहाँ से गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यह Garbage Problem Pune की एक गंभीर तस्वीर पेश करता है, जहाँ नागरिक और प्रशासन दोनों की ज़िम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या बोले जागरूक नागरिक?
पुणे के एक जागरूक नागरिक, श्री नितिन वसंत गोडबोले ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, “जनता ही सार्वजनिक संपत्ति के लिए ज़िम्मेदार है… लेकिन यह शिक्षा सिर्फ कागजों पर ही रह गई है।”
रविवार को जब हमारी टीम ने SM Joshi Bridge, नवी पेठ का जायज़ा लिया, तो श्री गोडबोले की बात सच साबित हुई। पुल के दोनों फुटपाथों पर प्लास्टिक की बोतलें, खाने के पैकेट और घरेलू कचरा फैला हुआ था। इससे न सिर्फ शहर की सुंदरता खराब हो रही है, बल्कि बदबू और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है।
प्रशासन की ज़िम्मेदारी या नागरिकों की लापरवाही?
यह समस्या Pune Civic Issues में से एक है, जो दो मुख्य सवाल खड़े करती है:
- नागरिकों की भूमिका: क्या Swachh Pune अभियान के बावजूद लोगों में अपनी ज़िम्मेदारी को लेकर जागरूकता की कमी है? पुल पर कचरा फेंकना सीधे तौर पर नागरिकों की लापरवाही को दर्शाता है।
- PMC Pune की कार्यप्रणाली: क्या इन सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई नहीं हो रही है? पुलों और फुटपाथों को साफ रखने की ज़िम्मेदारी PMC Pune की है।
यह Garbage Problem Pune सिर्फ Navi Peth तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शहर के कई अन्य इलाकों में भी यही हाल है।
क्या कहता है प्रशासन?
इस समस्या को लेकर PMC Pune को भी सूचित किया गया है। नागरिकों द्वारा भेजी गई शिकायत में कहा गया है: “स्मार्ट सिटीतील एस एम जोशी पूल, नवी पेठ, पुणे ३०. दोन्ही बाजूस कचराच कचरा।” (स्मार्ट सिटी में एस. एम. जोशी पूल, नवी पेठ, पुणे ३०. दोनों तरफ कचरा ही कचरा है।)
हमने इस विषय पर PMC Pune के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग से संपर्क करने का प्रयास किया। एक अधिकारी ने बताया कि वे इस मामले को देखेंगे और संबंधित क्षेत्र के स्वच्छता निरीक्षक को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश देंगे।
यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और क्या नागरिकों में भी अपनी ज़िम्मेदारी को लेकर कोई सुधार आता है।
