पुणे/मुंबई: Mumbai-Pune Expressway पर घंटों के ट्रैफिक जाम से जूझ रहे लाखों यात्रियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने यशवंतराव चव्हाण एक्सप्रेसवे को 6 लेन से बढ़ाकर 10 लेन करने की एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। इस विशाल परियोजना पर लगभग ₹14,260 करोड़ खर्च होंगे और इसके 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है।
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यह एक्सप्रेसवे भारत के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जिस पर रोजाना 80,000 से 1,00,000 वाहन गुजरते हैं। समस्या का मुख्य केंद्र अडोशी सुरंग से खंडाला एग्जिट के बीच का हिस्सा है। यहाँ एक्सप्रेसवे की 6 लेन पर पुराने मुंबई-पुणे हाईवे की 4 लेन का ट्रैफिक भी आकर मिल जाता है, जिससे कुल 10 लेन का ट्रैफिक 6 लेन में फंस जाता है। इसी कारण यहाँ घंटों का जाम लगता है, जैसा कि हाल ही में शुक्रवार को देखने को मिला जब यात्रियों को 8 घंटे तक लग गए।
Mumbai-Pune Expressway: MSRDC का मेगा प्लान
महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) जल्द ही इस संबंध में राज्य सरकार को एक प्रस्ताव सौंपेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस विस्तार की जरूरत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि 2026 की शुरुआत में “मिसिंग लिंक” प्रोजेक्ट के पूरा होने से एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का बोझ और बढ़ेगा। “मिसिंग लिंक” एक 13.3 किमी का नया मार्ग है जो खंडाला घाट सेक्शन को बायपास करेगा।
इस परियोजना की कुल लागत का 40% हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष राशि टेंडर जीतने वाली इंफ्रास्ट्रक्चर फर्म द्वारा लगाई जाएगी। हालांकि, यात्रियों को यह ध्यान रखना होगा कि इस विस्तार के बाद एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली की अवधि 30 अप्रैल, 2045 से भी आगे बढ़ा दी जाएगी।
यह विस्तार न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि मुंबई और पुणे के बीच आर्थिक गलियारे को भी एक नई गति प्रदान करेगा।
