PUNE – Sahyadri Tiger Reserve (STR) और वन्यजीव प्रेमियों के लिए आज का दिन बेहद खास है। ‘सॉफ्ट रिलीज’ की प्रक्रिया पूरी करने के बाद, बाघिन STR-05 (तारा) ने आज सुबह आखिरकार खुले जंगल में कदम रख दिया है।
बाघिन ‘चंदा’ (STR-04) के बाद अब ‘तारा’ की रिहाई से सह्याद्री के जंगलों में बाघों की आबादी (Tiger Population) बढ़ने की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।
Sahyadri Tiger Reserve में आई ‘रानी’, बाघिन तारा की चांदोली पार्क में सफल रिलीज़
5 दिन का इंतजार और ‘तारा’ की आजादी
शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजे ही उसे जंगल में छोड़ने के लिए एनक्लोजर (Enclosure) के गेट खोल दिए गए थे। लेकिन तारा तुरंत बाहर नहीं निकली।
वन विभाग (Forest Department) के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से वह गेट के आसपास ही घूम रही थी। उसने एनक्लोजर के अंदर ही एक शिकार (Kill) किया था और पिछले तीन दिनों से वह उसे खा रही थी। पेट भरा होने के कारण वह आराम कर रही थी।
आखिरकार, आज 18 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजे, तारा ने अपने एनक्लोजर से बाहर निकलकर चांदोली नेशनल पार्क (Chandoli National Park) के घने ‘कोर जोन’ में प्रवेश किया।
- Tigress Name: STR-05 (Tara) – पहले इसे T7 (S2) के नाम से जाना जाता था।
- Release Time: 18 December 2025, 7:00 AM.
- Location: Sahyadri Tiger Reserve (Core Forest).
- Status: वह पूरी तरह स्वस्थ है और शिकार करने में सक्षम है।
अधिकारियों ने क्या कहा?
बाघिन तारा को ‘सॉफ्ट रिलीज’ एनक्लोजर में रखा गया था, जहां उसकी सेहत और व्यवहार पर 24 घंटे नजर रखी गई। अधिकारियों द्वारा जारी किए गए बयान नीचे दिए गए हैं:
Shri Tushar Chavan, IFS, Field Director, Sahyadri Tiger Reserve:
“बाघिन STR-05, जिसे अब ‘तारा’ नाम दिया गया है, ने सॉफ्ट रिलीज चरण के दौरान उत्कृष्ट अनुकूलन (excellent adaptation) दिखाया है। उसने एनक्लोजर के अंदर सफल शिकार व्यवहार सहित सभी आवश्यक जंगली लक्षण प्रदर्शित किए, जो उसकी मजबूत फिटनेस और रिहाई के लिए तत्परता का संकेत देते हैं। जंगल में उसका प्रवेश सह्याद्री लैंडस्केप में बाघों की आबादी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
Shri M. S. Reddy, Chief Wildlife Warden, Maharashtra:
“बाघिन STR-05 (तारा) की रिहाई स्थापित वैज्ञानिक प्रोटोकॉल और सावधानीपूर्वक व्यवहार मूल्यांकन के अनुसार सख्ती से की गई है। यह सफल रिहाई साक्ष्य-आधारित वन्यजीव प्रबंधन (evidence-based wildlife management) और दीर्घकालिक बाघ संरक्षण के प्रति महाराष्ट्र वन विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
अब सह्याद्री टाइगर रिजर्व के कोर फॉरेस्ट में दो वयस्क बाघिनें – STR-04 (Chanda) और STR-05 (Tara) मौजूद हैं।
Rohan Bhate, Honorary Wildlife Warden:
“दो वयस्क बाघिनों STR-05 (तारा) और STR-04 (चंदा) को सह्याद्री टाइगर रिजर्व के कोर फॉरेस्ट में छोड़ दिया गया है, जिसके कारण सह्याद्री टाइगर रिजर्व में न केवल बाघों की आबादी बढ़ेगी बल्कि टिकाऊ वन्यजीव पर्यटन (sustainable Wildlife tourism) भी बढ़ेगा और इस प्रकार रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।”
What Next? (आगे क्या होगा?)
जंगल में छोड़ने के बाद भी वन विभाग की टीमें ‘तारा’ पर नजर रखेंगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वह प्राकृतिक आवास और परिदृश्य की स्थितियों के साथ आसानी से तालमेल बिठा सके।
