Fresh grape sherbet is gaining popularity as a natural and refreshing summer drink, offering a homemade alternative to packaged beverages. | PuneNewsHub.com
गर्मी का मौसम आते ही बाजार में रंग-बिरंगे पैकेज्ड जूस और कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री बढ़ जाती है। लेकिन क्या ये वास्तव में शरीर को वह राहत देते हैं जिसकी हमें जरूरत होती है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कई पैकेज्ड पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है। ऐसे में प्राकृतिक फलों से बने पेय एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं। इन्हीं में से एक है अंगूर का शरबत, जो इन दिनों फिर से लोगों की पसंद बनता दिखाई दे रहा है।
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आखिर अंगूर का शरबत चर्चा में क्यों है?
पुणे सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे मौसम में लोग ऐसे पेय की तलाश करते हैं जो स्वाद के साथ शरीर को ताजगी भी दे।
अंगूर से बना शरबत न केवल स्वादिष्ट माना जाता है बल्कि इसमें प्राकृतिक रूप से मौजूद पानी, कार्बोहाइड्रेट और कुछ महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं।
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, काले और हरे अंगूर दोनों में पॉलीफेनॉल जैसे यौगिक होते हैं जो शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं।
पैकेज्ड जूस और घर के शरबत में क्या अंतर है?
यहीं सबसे महत्वपूर्ण सवाल आता है।
कई पैकेज्ड जूस में अतिरिक्त चीनी, फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स मिलाए जाते हैं। दूसरी तरफ घर पर तैयार किया गया अंगूर का शरबत सामग्री पर अधिक नियंत्रण देता है।
हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि घर का शरबत भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, खासकर यदि उसमें अतिरिक्त चीनी डाली गई हो।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि किसी भी मीठे पेय को पानी का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
आम लोगों का अनुभव क्या कहता है?
पुणे की आईटी प्रोफेशनल प्राची कुलकर्णी बताती हैं कि गर्मी के दिनों में उन्होंने बाजार के पेय पदार्थों की जगह घर में बने फलों के शरबत को अपनाया।
उनके अनुसार इससे उन्हें अधिक ताजगी महसूस होती है और परिवार के लोग भी इसे पसंद करते हैं।
इसी तरह कई परिवार अब पारंपरिक पेय जैसे आम पन्ना, कोकम शरबत और अंगूर का शरबत दोबारा अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं।
क्या कहते हैं आंकड़े?
भारत में स्वास्थ्य और पोषण को लेकर जागरूकता लगातार बढ़ रही है।
विभिन्न उपभोक्ता सर्वेक्षणों में देखा गया है कि शहरी क्षेत्रों के लोग अब “नेचुरल” और “कम प्रोसेस्ड” खाद्य पदार्थों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
यही वजह है कि घरेलू पेय और पारंपरिक रेसिपी फिर लोकप्रिय हो रही हैं।
क्या अंगूर का शरबत हर किसी के लिए सही है?
इसका जवाब पूरी तरह “हां” नहीं है।
डायबिटीज, मोटापा या विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों को किसी भी मीठे पेय का सेवन करने से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।
इसके अलावा केवल शरबत पीना पर्याप्त नहीं है। गर्मियों में पर्याप्त पानी पीना, संतुलित भोजन लेना और धूप से बचाव करना भी उतना ही जरूरी है।
आगे क्या?
जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, लोग स्वस्थ और प्राकृतिक विकल्पों की ओर लौट रहे हैं।
अंगूर का शरबत कोई जादुई स्वास्थ्य पेय नहीं है, लेकिन यह निश्चित रूप से कई अत्यधिक प्रोसेस्ड और अधिक चीनी वाले पेय पदार्थों की तुलना में एक बेहतर घरेलू विकल्प बन सकता है।
गर्मी से राहत पाने का सबसे अच्छा तरीका अभी भी संतुलन है—पर्याप्त पानी, मौसमी फल और सोच-समझकर चुने गए पेय।
Source: Punekar News, Nutrition Expert Recommendations, Public Health Guidance and Consumer Food Trends Reports.
