पुणे: महाराष्ट्र के Deputy Chief Minister, Ajit Pawar, ने Pune के हडपसर इलाके में एक विशेष ‘Jansamvad’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों से सीधे मिलना, उनकी समस्याओं को समझना और उनका तुरंत समाधान करना था. इस Jansamvad में हजारों लोग पानी, ट्रैफिक और अन्य स्थानीय मुद्दों पर अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे. Ajit Pawar ने कई लोगों की बातें सुनीं और मौके पर मौजूद अधिकारियों को समस्याओं को हल करने के लिए निर्देश दिए.
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Jansamvad: जनता की समस्याओं पर तुरंत एक्शन
यह कार्यक्रम Ajit Pawar के काम करने के तरीके को दिखाता है, जहां वह जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कार्यक्रम में 4,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से कई का समाधान तुरंत किया गया. इस तरह के आयोजन से प्रशासन में पारदर्शिता और जनता का विश्वास बढ़ता है. यह एक अनुभवी नेता के रूप में उनकी छवि को मजबूत करता है जो Pune के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं.
IPS Officer Controversy
हालांकि, इस कार्यक्रम के दौरान Ajit Pawar एक बड़े विवाद पर बोलने से बचते दिखे. यह विवाद एक महिला IPS ऑफिसर के साथ उनकी फोन पर हुई बातचीत के वायरल वीडियो से संबंधित था, जिसे IPS Officer Controversy के रूप में जाना जा रहा है. जब पत्रकारों ने उनसे इस controversy के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि वे इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोलना चाहते.
Ajit Pawar का IPS Officer Controversy पर चुप रहना एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति हो सकती है. उनका पूरा ध्यान Jansamvad कार्यक्रम पर था, जो सीधे तौर पर Pune के नागरिकों की भलाई से जुड़ा है. विवाद पर बोलकर वह जनता के असली मुद्दों से ध्यान नहीं भटकाना चाहते थे. यह दिखाता है कि एक अनुभवी राजनेता के तौर पर वह जानते हैं कि किस मुद्दे को कब प्राथमिकता देनी है, और उनका संदेश साफ था कि उनके लिए Pune का विकास सबसे महत्वपूर्ण है.
