पुणे– पुणे से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां ऑनलाइन ठगों का शिकार हुए एक 83 वर्षीय बुजुर्ग की हार्ट अटैक से मौत हो गई। कुछ हफ्ते पहले ही उन्होंने ‘Digital Arrest’ नाम के एक ऑनलाइन फ्रॉड में अपनी जीवन भर की कमाई, यानी 1.2 करोड़ रुपये गंवा दिए थे। माना जा रहा है कि इसी सदमे के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुणे के रहने वाले 83 वर्षीय बुजुर्ग को कुछ हफ़्ते पहले एक फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एक बड़े पुलिस अधिकारी के रूप में पेश किया और बुजुर्ग पर मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया।
ठगों ने उन्हें डराया कि अगर उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस तरह की धमकी देकर उन्होंने बुजुर्ग को “Digital Arrest” कर लिया, यानी उन्हें वीडियो कॉल पर बंधक बना लिया और किसी से बात करने से रोक दिया।
पुणे: Terror suspect Zubair Hangargekar ATS की हिरासत में
Digital Arrest: कैसे लुट गई जीवन भर की कमाई?
इस डरावने नाटक के दौरान, ठगों ने बुजुर्ग को यकीन दिलाया कि उनके बैंक खाते की जांच की जानी है। उन्होंने बुजुर्ग को मजबूर किया कि वे अपने सारे पैसे एक दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दें, यह कहते हुए कि यह एक “सरकारी सुरक्षित खाता” है और जांच के बाद पैसे वापस आ जाएंगे।
गिरफ्तारी के डर से और गहरे सदमे में, बुजुर्ग ने उनकी बात मान ली और धीरे-धीरे अपने 1.2 करोड़ रुपये ठगों के बताए खाते में जमा कर दिए। पैसे ट्रांसफर होने के बाद, ठगों ने फोन काट दिया और फिर कभी संपर्क नहीं किया।
सदमा जो जानलेवा बन गया
जब बुजुर्ग को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखा हुआ है, तो वे गहरे सदमे में चले गए। अपनी पूरी जिंदगी की मेहनत की कमाई एक झटके में खो देने का दुख वे बर्दाश्त नहीं कर सके। परिवार वालों के अनुसार, इस घटना के बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी। कुछ हफ़्ते बाद, उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई।
यह दुखद घटना (online scam death) इस बात पर प्रकाश डालती है कि कैसे पुणे में साइबर धोखाधड़ी (Pune cyber fraud) न केवल लोगों की वित्तीय सुरक्षा, बल्कि उनकी जान के लिए भी खतरा बन गई है, खासकर हमारे बुजुर्गों के लिए (Pune senior citizen fraud)।
पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और उन अपराधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिन्होंने एक निर्दोष व्यक्ति की जान ले ली।
