Pune Groundwater Workshop: टिकाऊ प्रबंधन पर हुए गहन विचार-विमर्श

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पुणे के यशदा (YASHADA) में आज, भूजल (groundwater) प्रबंधन पर एक महत्वपूर्ण राज्य-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। केंद्रीय भूजल बोर्ड, केंद्रीय क्षेत्र, नागपुर ने यह पहल जल शक्ति मंत्रालय के तहत की, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य में भूजल के टिकाऊ प्रबंधन को सुनिश्चित करना था। इस Pune Groundwater Workshop में विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने sustainable groundwater management के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया।

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National Aquifer Mapping के निष्कर्ष साझा किए गए

सुबह 10 बजे शुरू हुई इस कार्यशाला में केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) ने अपने ‘National Aquifer Mapping और प्रबंधन कार्यक्रम’ (NAQUIM) के तहत किए गए अध्ययनों के निष्कर्ष साझा किए। बोर्ड ने बताया कि कैसे इन अध्ययनों से भूजल के स्तर, गुणवत्ता और उपलब्धता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

कार्यशाला का एक प्रमुख उद्देश्य इन आंकड़ों और जानकारी को सभी के लिए सुलभ बनाना था। विभिन्न प्लेटफार्मों पर उपलब्ध डेटा को कैसे आसानी से उपयोग किया जा सके, इस पर चर्चा हुई, ताकि जानकारी के आधार पर सही निर्णय लिए जा सकें।

इस Pune Groundwater Workshop ने सभी हितधारकों (stakeholders) और नीति-निर्माताओं (policy makers) को एक साथ लाने का काम किया। इससे उन्हें भूजल के टिकाऊ प्रबंधन के लिए रणनीतियाँ बनाने और प्रस्तावित प्रबंधन योजनाओं को लागू करने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय भूजल बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, “हम चाहते हैं कि हमारे अध्ययन के निष्कर्ष केवल रिपोर्टों तक सीमित न रहें, बल्कि वे ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाएं। यह कार्यशाला उसी दिशा में एक अहम कदम है।”

भूजल प्रबंधन की चुनौतियाँ और समाधान

कार्यशाला में केवल निष्कर्ष ही साझा नहीं किए गए, बल्कि भूजल संसाधन प्रबंधन में सामने आ रही नई चुनौतियों पर भी खुलकर बात हुई। जल विशेषज्ञों ने बताया कि बढ़ती आबादी, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन कैसे भूजल पर दबाव डाल रहे हैं।

विभिन्न समाधानों पर भी चर्चा हुई, जैसे वर्षा जल संचयन (rainwater harvesting) को बढ़ावा देना, भूजल रिचार्ज तकनीकों का उपयोग करना और जल उपयोग में कुशलता लाना। प्रतिभागियों ने अपने अनुभव और सफल कहानियाँ भी साझा कीं।

ऐसे आयोजन राज्य के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह पहल दिखाती है कि सरकार और विशेषज्ञ भूजल के संरक्षण के लिए कितने गंभीर हैं, और अब हम सभी को मिलकर इस दिशा में काम करना होगा।

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