पुणे के मध्य में स्थित गुरुवार पेठ इलाके में बुधवार तड़के एक रिहायशी इमारत की पार्किंग में आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना के बाद पूरी इमारत में घना धुआं भर गया, जिससे निवासियों में दहशत फैल गई। पुणे फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई की बदौलत इमारत में फंसे सभी 45 निवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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यह घटना बुधवार (3 सितंबर, 2025) की सुबह लगभग 3:30 बजे गुरुवार पेठ की छोटी मस्जिद के पास स्थित ज़ेबा शेल्टर नामक रिहायशी सोसाइटी में हुई। आग लगने की शुरुआत इमारत के पार्किंग क्षेत्र में लगे बिजली के मीटर बॉक्स से हुई। देखते ही देखते, आग की लपटों ने पास में खड़ी मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग और भी विकराल हो गई।
फायर ब्रिगेड का सराहनीय बचाव अभियान
आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी तुरंत मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए और भी गाड़ियों को बुलाया गया। मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने पाया कि पार्किंग में लगी आग के कारण पूरी चार मंजिला इमारत में घना और जहरीला धुआं भर गया था, जिससे ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी।
अग्निशमन दल ने तुरंत दो मोर्चों पर काम शुरू किया। एक टीम ने पानी की बौछार कर आग बुझाने का काम शुरू किया, वहीं दूसरी टीम ने इमारत में फंसे निवासियों को बाहर निकालने का अभियान छेड़ा। फायर ब्रिगेड के जवानों ने महज 15 मिनट के भीतर आग पर काबू पा लिया। इसके साथ ही, इमारत में रहने वाले सभी 45 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
कितना हुआ नुकसान?
इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है, जो सबसे बड़ी राहत की बात है। हालांकि, आग के कारण पार्किंग में लगा बिजली का मीटर बॉक्स और चार मोटरसाइकिलें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग लगने का शुरुआती कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इस सफल बचाव और अग्निशमन अभियान में फायर ऑफिसर प्रशांत गायकर के नेतृत्व में अतुल मोहिते, अजीम शेख, सुधीर नवले, तेजस पटेल, सागर शिर्के और यश वीरकर जैसे दमकलकर्मी शामिल थे। उनकी सूझबूझ और तत्परता ने एक बड़े हादसे को होने से रोक लिया।
