पुणे: पुणे महानगरपालिका (PMC) ने शहर के दो व्यस्त इलाकों, वानवडी और सालुंके विहार, में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। नागरिकों की लगातार शिकायतों और रूटीन इंस्पेक्शन के आधार पर की गई इस ड्राइव में सड़कों और फुटपाथ पर बने अवैध शेड, स्टॉल और दुकानों को हटाया गया है। इस कार्रवाई के बाद जहाँ कुछ निवासियों ने राहत की सांस ली है, वहीं कई छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
Lullanagar Chowk Potholes: निवासियों ने PMC से की कार्रवाई की मांग
PMC Action: क्यों और कहाँ हुई यह कार्रवाई?
PMC के अतिक्रमण विभाग ने यह ड्राइव मुख्य रूप से उन जगहों पर की जहाँ सार्वजनिक जगहों पर कब्जा कर लिया गया था, जिससे ट्रैफिक और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी हो रही थी।
लक्ष्यित क्षेत्र
- सालुंके विहार (Salunke Vihar)
- पूरा वानवडी (Full Wanowrie)
- शिवरकर रोड (Shivarkar Road)
Primary Reason for the Drive
PMC के अतिक्रमण निरीक्षक (Encrochment Inspector), Shri Santosh Waghmare, के अनुसार, यह कार्रवाई नागरिकों की शिकायतों और नियमित जांच का परिणाम थी। इसका मुख्य उद्देश्य फुटपाथ और सड़कों को जनता के लिए खुला और सुरक्षित बनाना था।
इस ड्राइव के जमीनी असर को समझने के लिए, पुणे न्यूज़ हब ने सालुंके विहार का दौरा किया और स्थानीय लोगों से बात की।
कई निवासी, जो जाम और भीड़-भाड़ से परेशान थे, इस कदम का स्वागत कर रहे हैं। सालुंके विहार की एक सोसाइटी में रहने वाले शारदा ने हमें बताया, “यहाँ शाम के समय फुटपाथ पर चलना भी मुश्किल हो गया था। हम खुश हैं कि PMC ने आखिरकार कार्रवाई की। इससे सुरक्षा बढ़ेगी और अराजकता कम होगी।“
एक तरफ जहाँ सार्वजनिक जगहों को खाली कराना जरूरी है, वहीं यह शहर के उन हजारों स्ट्रीट वेंडर्स की आजीविका का भी सवाल है जो इन्हीं छोटे व्यवसायों पर निर्भर हैं।
वानवडी और सालुंके विहार में PMC की यह अतिक्रमण हटाओ मुहिम एक जरूरी कदम है, लेकिन इसने कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े कर दिए हैं। निवासियों को राहत मिली है, पर दुकानदारों के सामने भविष्य का संकट है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या PMC इन दुकानदारों के पुनर्वास के लिए कोई योजना बनाती है। पुणे न्यूज़ हब इस मामले पर अपनी नजर बनाए रखेगा।
