पुणे: पुणे नगर निगम (PMC) की बुधवार को हुई महत्वपूर्ण जनरल बॉडी मीटिंग में शहर के 12 लाख से अधिक संपत्ति धारकों को बड़ी राहत दी गई है। नगर निगम प्रशासन द्वारा प्रस्तावित 5% Property Tax हाइक (Tax Hike) के सुझाव को सभी राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब पुणेकरों को आगामी वित्त वर्ष (2026-27) में पुराने रेट्स पर ही टैक्स चुकाना होगा।
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Property Tax बढ़ोतरी का प्रस्ताव क्यों गिरा? प्रशासन और नेताओं के बीच तकरार
प्रशासन ने शहर के विकास कार्यों के लिए राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से पहले 10% और बाद में उसे घटाकर 5% टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था।
मुख्य कारण:
- ईमानदार टैक्सपेयर्स पर बोझ: पार्षदों का तर्क है कि जो लोग समय पर टैक्स भरते हैं, उन पर बार-बार बोझ डालना गलत है।
- टैक्स चोरी पर ढिलाई: रिपोर्ट के अनुसार, पुणे में अभी भी 1.5 लाख से अधिक ऐसी संपत्तियां हैं जो PMC के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। नेताओं ने मांग की है कि नया टैक्स लगाने के बजाय इन अवैध संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाया जाए।
- चुनाव का दबाव: आने वाले स्थानीय चुनावों को देखते हुए कोई भी दल जनता को नाराज करने का जोखिम नहीं लेना चाहता।
40% की रिबेट (छूट) पर बड़ा अपडेट
पुणे के नागरिकों के लिए सबसे बड़ी चिंता 40% की छूट (Maintenance Rebate) को लेकर थी।
- नियम: जो नागरिक खुद के घर में रहते हैं (Self-Occupied), उन्हें यह छूट मिलती रहेगी।
- जरूरी काम: जिन लोगों को अभी तक यह छूट नहीं मिली है, उन्हें PMC के पोर्टल पर जाकर ‘PT-3’ फॉर्म जमा करना होगा। प्रशासन ने इस प्रक्रिया को अब और भी सरल बनाने का वादा किया है।
अभय योजना (Amnesty Scheme): बकायादारों के लिए अंतिम मौका
PMC ने उन लोगों को राहत दी है जो किसी कारणवश अपना पुराना टैक्स नहीं भर पाए हैं।
- नई डेडलाइन: अभय योजना की समय सीमा अब 15 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।
- फायदा: बकाया टैक्स पर लगने वाली पेनाल्टी (जुर्माना) में 75% तक की माफी मिलेगी। यदि आप 15 मार्च के बाद भुगतान करते हैं, तो आपको 2% प्रति माह की दर से भारी पेनाल्टी चुकानी होगी।
एक्सपर्ट की राय: “राजस्व बढ़ाने के वैकल्पिक रास्ते तलाशें”
आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि पुणे जैसे बढ़ते शहर के लिए केवल प्रॉपर्टी टैक्स पर निर्भर रहना सही नहीं है। PMC को विज्ञापन शुल्क (Hoarding Fees) और अनधिकृत निर्माणों के नियमितीकरण (Regularization) से फंड जुटाना चाहिए। टैक्स हाइक रोकना मिडिल क्लास के लिए एक ‘आर्थिक बूस्टर’ की तरह है।
पुणे प्रॉपर्टी टैक्स 2026
| श्रेणी | स्थिति / लाभ |
| टैक्स बढ़ोतरी दर | 0% (प्रस्ताव खारिज) |
| सेल्फ-ऑक्यूपाइड छूट | 40% (जारी रहेगी) |
| अभय योजना अंतिम तिथि | 15 मार्च 2026 |
| पेनाल्टी माफी | 75% तक |
| कुल प्रॉपर्टी धारक | ~12.5 लाख |
निष्कर्ष
PMC का यह फैसला न केवल पुणेकरों की जेब बचाएगा, बल्कि प्रशासन को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने का मौका भी देगा। अब जिम्मेदारी नागरिकों की है कि वे 15 मार्च से पहले अपना बकाया चुकाकर ‘अभय योजना’ का लाभ उठाएं और शहर के विकास में भागीदार बनें।
