पुणे: पितृ पक्ष के पावन अवसर पर, जब लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं, पुणे की संस्था सेवा वर्धिनी (Seva Vardhini) ने दान की एक अनूठी और शक्तिशाली परंपरा को जीवित रखा है। उनकी “एक मुट्ठी अनाज” (Ek Muthi Anaaj) मुहिम, जो पिछले 51 महीनों से लगातार चल रही है, शहर में एक मौन क्रांति ला रही है। इस अभियान ने अब तक 2,38,290 किलोग्राम से अधिक अनाज इकट्ठा किया है, जो महाराष्ट्र भर के हजारों जरूरतमंद बच्चों और बुजुर्गों का पेट भर रहा है।
सेवा वर्धिनी के ‘एक मुट्ठी अनाज’ अभियान के तहत एकत्र किया गया अनाज।
क्या है ‘एक मुट्ठी अनाज’ की शक्ति?
यह अभियान एक सरल संकल्पना पर आधारित है: एक व्यक्ति को एक बार के भोजन के लिए 200-250 ग्राम (एक मुट्ठी) अनाज की आवश्यकता होती है। सेवा वर्धिनी हर परिवार से महीने में सिर्फ एक बच्चे के एक बार के भोजन के लिए दान करने का आग्रह करती है।
इस पहल के पीछे की सोच को समझने के लिए, पुणे न्यूज़ हब ने अभियान के अध्यक्ष, श्री विनोद पाटिल, से खास बातचीत की। उन्होंने कहा, “अन्नदान समाज के प्रति हमारी आत्मा का आभार है और हम चाहते हैं कि अधिक से अधिक स्वयंसेवक इस नेक काम से जुड़ें।“
आंकड़ों में अभियान की सफलता
यह महा-अभियान हर महीने के तीसरे या चौथे रविवार को चलाया जाता है और इसके आंकड़े प्रेरणादायक हैं:
- निरंतर सेवा: यह अभियान पिछले 51 महीनों (सितंबर 2025 तक) से बिना रुके चल रहा है।
- दैनिक प्रभाव: पिछले 1,530 दिनों से, हर रोज 789 से ज़्यादा जरूरतमंद लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
- विशाल संग्रह: आज तक कुल 2,38,290 किलोग्राम अनाज इकट्ठा किया जा चुका है।
- सामुदायिक भागीदारी: हर महीने 700 से अधिक स्वयंसेवक (जिनमें 70 महिलाएं शामिल हैं) इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। यह अभियान पुणे के 7 उपनगरों (पिंपले सौदागर, रहाटणी, वाकड, हिंजवडी, विश्रांतवाडी, आदि) की 84 से ज़्यादा सोसाइटियों में चलाया जाता है, जिससे हर महीने 33,000 परिवारों तक पहुँचा जा सका है।
इकट्ठा किया गया यह लाखों किलो अनाज अब महाराष्ट्र भर के 55 अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और नारी आश्रमों में वितरित किया जाता है, जिससे सीधे तौर पर अनाथ बच्चों और बेसहारा बुजुर्गों को लाभ होता है।
सेवा वर्धिनी का यह प्रयास पुणे की उस सेवा भावना को दर्शाता है, जिसे हमने डॉ. लज्जा ऋषि जैसी कहानियों में भी देखा है।”
‘एक मुट्ठी अनाज’ अभियान इस बात का एक शक्तिशाली उदाहरण है कि कैसे निरंतर और संगठित प्रयास एक बड़ा सामाजिक बदलाव ला सकते हैं। सेवा वर्धिनी और पुणे के हजारों नागरिकों का यह प्रयास न केवल जरूरतमंदों की भूख मिटा रहा है, बल्कि समाज में निस्वार्थ सेवा और एकजुटता की भावना को भी मजबूत कर रहा है।
इस मुहिम से जुड़ने या स्वयंसेवक बनने के लिए, आप विनोद पाटिल से 77200 38233 पर संपर्क कर सकते हैं या Ekmutthianaj@sevavardhini.org पर ईमेल कर सकते हैं।
