PMC Ramtekdi dry waste plant को लेकर बड़ा अपडेट आया है। पुणे महानगरपालिका (PMC) ने हडपसर के रामटेकडी इंडस्ट्रियल एस्टेट में एक नई ड्राय वेस्ट प्रोसेसिंग फैसिलिटी बनाने का प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर सिविक बॉडी को करीब ₹74.06 करोड़ का खर्च उठाना पड़ेगा। यह प्रस्ताव 1 सितंबर 2026 को PMC Standing Committee के सामने रखा गया।
Ganesh Chaturthi 2026 Pune Date: 14 September को Bappa घर आएंगे, पूरा Muhurat और Visarjan Schedule
Table of Contents
यह प्रोजेक्ट क्या है और क्यों ज़रूरी है
पुणे में हर दिन बड़ी मात्रा में ऐसा कचरा निकलता है जिसे मौजूदा सिस्टम ठीक से हैंडल नहीं कर पाता — जैसे फटे-पुराने कपड़े, होज़री वेस्ट, चमड़ा, गद्दे (mattresses) और पुराना फर्नीचर। अभी तक PMC के पास इस तरह के dry waste के लिए कोई समर्पित (dedicated) प्रोसेसिंग सिस्टम नहीं था।
इसका नतीजा यह होता है कि यह कचरा शहर की अलग-अलग जगहों पर डंप हो जाता है — खासकर त्योहारों और बड़े आयोजनों के दौरान, जब कपड़ों और सजावटी सामान का इस्तेमाल और डिस्पोज़ल दोनों बढ़ जाता है। PMC Ramtekdi dry waste plant इसी गैप को भरने के लिए प्रस्तावित है।
कहां और कितनी क्षमता की फैसिलिटी बनेगी
नई फैसिलिटी रामटेकडी इंडस्ट्रियल एस्टेट के 11 एकड़ के रिज़र्व प्लॉट के दक्षिणी हिस्से में लगभग 1 एकड़ ज़मीन पर बनेगी। यह इलाका Town Planning (TP) Scheme के अंतर्गत आता है।
मुख्य आंकड़े:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रोसेसिंग क्षमता | 75 मेट्रिक टन प्रतिदिन |
| कुल अनुमानित खर्च | ₹74.06 करोड़ |
| पहले साल का आवंटन | करीब ₹1.81 करोड़ |
| कॉन्ट्रैक्ट अवधि | 2026-27 से 2046-47 तक चरणों में |
| मॉडल | B-2 मॉडल |
किसे मिला कॉन्ट्रैक्ट
रिवाइज्ड प्रस्ताव के तहत यह प्रोजेक्ट Green Prithvi Solutions LLP को दिया जाना प्रस्तावित है। शुरुआती प्रस्ताव में 15 साल के अरेंजमेंट के तहत प्रोसेसिंग चार्ज में सालाना 9% बढ़ोतरी का प्रावधान था, जिसे बाद में सिविक बॉडी और कॉन्ट्रैक्टर के बीच चर्चा के बाद संशोधित किया गया।
दिलचस्प बात यह है कि इसी कंपनी को इससे पहले भी रामटेकडी में एक समान प्रोजेक्ट (लगभग ₹66.85 करोड़ का) मिला था, जो पूर्व PMC कमिश्नर डॉ. राजेंद्र भोसले के कार्यकाल के आखिरी दिनों में मंज़ूर हुआ था। उस समय ज़मीन फाइनल हुए बिना ही मंज़ूरी मिलने पर सवाल भी उठे थे।
फंडिंग मॉडल और टाइमलाइन
प्रोजेक्ट को 2026-27 से 2046-47 तक — यानी करीब 20 साल की अवधि में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना प्रस्तावित है। पहले साल के लिए सिर्फ ₹1.81 करोड़ का आवंटन रखा गया है, जो बताता है कि शुरुआती चरण में ज़मीन अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित रहेगा।
पुणे के मौजूदा कचरा संकट से इसका संबंध
यह समझना ज़रूरी है कि यह प्रोजेक्ट पुणे के व्यापक वेस्ट मैनेजमेंट संकट का सिर्फ एक हिस्सा है। इसी रामटेकडी इलाके में बना PMC का Waste-to-Energy प्लांट — जो 750 टन प्रतिदिन प्रोसेस करने के लिए डिज़ाइन हुआ था — शुरू होने के सात साल बाद भी सिर्फ करीब 250 टन प्रतिदिन ही प्रोसेस कर पा रहा है, और अब तक बिजली उत्पादन शुरू नहीं कर सका है। PMC ने अब नवंबर 2026 तक क्षमता 600 टन तक बढ़ाने और अप्रैल 2027 तक प्लांट को पूरी तरह ऑपरेशनल करने का लक्ष्य रखा है।
इसके अलावा, जुलाई 2026 में PMC ने एक और अलग ₹6.83 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट मंज़ूर किया था, जो रोज़ाना 300 मेट्रिक टन non-biodegradable dry waste के कलेक्शन और ट्रांसपोर्टेशन के लिए है।
यानी कुल मिलाकर, पुणे अभी एक साथ कई मोर्चों पर अपने कचरा प्रबंधन सिस्टम को अपग्रेड करने की कोशिश कर रहा है — लेकिन पुराने प्रोजेक्ट्स में हुई देरी को देखते हुए, नागरिकों के मन में यह सवाल जायज़ है कि क्या यह नया ₹74 करोड़ का प्रोजेक्ट तय समय पर पूरा होगा।
FAQ
PMC Ramtekdi dry waste plant कहां बनेगा? हडपसर के रामटेकडी इंडस्ट्रियल एस्टेट में, 11 एकड़ के रिज़र्व प्लॉट के एक हिस्से पर।
इस प्लांट पर कुल कितना खर्च आएगा? PMC पर करीब ₹74.06 करोड़ का वित्तीय भार पड़ेगा, पूरी कॉन्ट्रैक्ट अवधि में।
यह प्लांट किस तरह का कचरा प्रोसेस करेगा? कपड़े, होज़री वेस्ट, चमड़ा, गद्दे और पुराना फर्नीचर — यानी वो dry waste जिसे अभी तक कोई dedicated सिस्टम हैंडल नहीं कर रहा था।
कॉन्ट्रैक्ट किसे मिला है? Green Prithvi Solutions LLP को, B-2 मॉडल के तहत।
यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा? यह 2026-27 से 2046-47 तक चरणों में लागू होगा; अभी सिर्फ पहले साल के लिए बजट आवंटित हुआ है।
यह रिपोर्ट PMC Standing Committee के समक्ष रखे गए प्रस्ताव और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। अंतिम मंज़ूरी और ज़मीनी क्रियान्वयन में बदलाव संभव है। Pune News Hub इस प्रोजेक्ट पर अपडेट्स कवर करता रहेगा।
