PUNE, April 25, 2026: एनआईबीएम रोड (NIBM Road) पर हाल ही में हुए ‘Tree Cutting’ विवाद पर विराम लग गया है। Wanowrie Forest Division ने स्पष्ट किया है कि Bramha Majestic Society के पास स्थित एक हेक्टेयर (one-hectare) प्लॉट पर चल रही हलचल दरअसल पुणे के अगले बड़े Miyawaki Forest की तैयारी है।
पिछले कुछ दिनों से स्थानीय निवासियों के बीच भारी नाराजगी और कंफ्यूजन (Apprehension) था कि इस ग्रीन पैच पर बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं। हालांकि, वन विभाग ने साफ किया है कि यह जमीन की सफाई और तैयारी का हिस्सा है, ताकि यहाँ वैज्ञानिक तरीके से सघन (dense) जंगल उगाया जा सके।
इस प्रोजेक्ट में सिर्फ सरकारी विभाग ही नहीं, बल्कि पुणे के प्रसिद्ध Anandvan Foundation की भी अहम भूमिका है। यह पार्टनरशिप सुनिश्चित करेगी कि यहाँ केवल स्वदेशी (Native) प्रजातियों को ही जगह मिले।
Bhupesh Sharma (Founder of Anandvan Foundation): उन्होंने कन्फर्म किया कि फाउंडेशन का फोकस नेटिव प्रजातियों को प्लांट करने और उन्हें ‘Safeguard’ करने पर होगा। उनके अनुसार, यह रिजर्व्ड फॉरेस्ट पैच आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सस्टेनेबल स्पेस बनेगा।
Yash Choudhari (Anandvan Volunteer): यह मियावाकी प्लांटेशन एक ऐसी neglected जगह के बदलाव का प्रतीक है, जहाँ कभी कचरा और illegal activities हुआ करती थीं, लेकिन अब यह growth और positivity की जगह बन गई है।
इसे green बनाकर हम न केवल environment सुधार रहे हैं और temperature कम करने में मदद कर रहे हैं, बल्कि एक cleaner और safer space भी बना रहे हैं जो पूरे इलाके के लिए फायदेमंद है। यह हमारी youth को प्रकृति से जुड़ने और भविष्य के लिए इसे preserve करने पर गर्व महसूस करने की प्रेरणा देगा।
क्या है 1-Hectare ‘Miyawaki’ का मास्टरप्लान?
Miyawaki तकनीक शहरी इलाकों के लिए एक वरदान मानी जाती है क्योंकि यह बहुत कम जगह में घना जंगल बनाने की ताकत रखती है।
Project Highlights:
- Location: Adjacent to Bramha Majestic Society, NIBM Road.
- Area: 1 Hectare (लगभग 2.5 एकड़)।
- Method: सघन वृक्षारोपण (Dense Plantation) जिससे Ecological Balance जल्दी बहाल होगा।
- Species: पूरी तरह से स्वदेशी पेड़, जो स्थानीय पक्षियों और कीटों (insects) को आकर्षित करेंगे।
इलाके के निवासियों ने इस स्पष्टीकरण के बाद राहत की सांस ली है, लेकिन वे अभी भी ‘Cautious’ हैं। निवासियों का कहना है कि वे इस प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस को करीब से मॉनिटर करेंगे ताकि बायोडायवर्सिटी के नाम पर मौजूदा हरियाली का नुकसान न हो।
