पुणे: पुणे की सड़कों पर गाड़ियों का बढ़ता सैलाब अब बर्दाश्त से बाहर हो रहा है। सुबह हो या शाम, शहर की प्रमुख धमनियाँ जाम से कराह रही हैं और लोगों का कीमती समय और ईंधन सड़कों पर ही बर्बाद हो रहा है। पुणे न्यूज़ हब ने शहर के सबसे व्यस्त हाईवे पर जाकर लोगों का दर्द जानने की कोशिश की, एक ऐसी समस्या जिससे निपटने के लिए अब राज्य सरकार ने भी केंद्र से मदद मांगी है।
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हडपसर के पास पुणे-सोलापुर हाईवे पर शाम के समय गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई थीं। हमने वहाँ , एक बस ड्राइवर Vijay, से बात की, जो इस रूट पर पिछले 15 सालों से गाड़ी चला रहे हैं।
उन्होंने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, ‘जो सफर पहले इंदापुर तक दो घंटे में पूरा होता था, अब उसमें चार घंटे लग जाते हैं। ईंधन का खर्चा बढ़ गया है और हमारा पूरा शेड्यूल बिगड़ जाता है। हम बस वादे सुनते हैं, लेकिन सड़क पर कुछ नहीं बदला है।’]”
इस रोज़ की मुसीबत से निपटने के लिए अब राज्य के उपमुख्यमंत्री और पुणे के पालक मंत्री अजित पवार ने सीधे दिल्ली का दरवाज़ा खटखटाया है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखकर पुणे को घुटते ट्रैफिक से बचाने की गुहार लगाई है।
अजित पवार ने अपने पत्र में तीन प्रमुख “चोक पॉइंट्स” को तत्काल सिक्स-लेन करने की मांग की है:
- NH 60 (नाशिक फाटा से खेड़)
- NH 65 (हडपसर से यवत)
- NH 548D (तळेगाव से शिक्रापूर)
अजित पवार ने साफ़ कहा है कि इन मार्गों पर मौजूदा चार लेन अब ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं। ये सड़कें शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, और औद्योगिक इकाइयों को जोड़ती हैं, जिससे यहाँ ट्रैफिक का दबाव इतना बढ़ गया है कि पीक आवर्स में गाड़ियां इंच-इंच खिसकती हैं।
अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है। एक तरफ जहाँ सरकारें योजनाओं पर काम कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ पुणे की जनता हर दिन इस ट्रैफिक के जंजाल में फंसी हुई है। लोगों की बस यही उम्मीद है कि वादों से आगे बढ़कर ज़मीन पर काम हो और उन्हें इस रोज़ की मुसीबत से जल्द ही कोई ठोस राहत मिले।
